NEET पेपर लीक पर हुड्डा का केंद्र पर हमला, बोले- शिक्षा मंत्री को देना चाहिए इस्तीफा
Hooda Targets Centre Over NEET
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने NEET पेपर लीक मामले और छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह किसी एक शहर या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों और युवाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर हुड्डा ने सवाल उठाते हुए पूछा कि बल प्रयोग किसके आदेश पर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों की आवाज उठाने पहुंचे, तो उनके साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया गया। हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और यदि विपक्ष के नेता को भी इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, तो यह चिंताजनक है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। हुड्डा ने कहा कि NEET विवाद से देश का युवा वर्ग परेशान है और उसके भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
भाजपा द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए हुड्डा ने कहा कि पार्टी "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे" जैसी स्थिति में है। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार कौन है।
धर्मेंद्र प्रधान के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने आंदोलन को राजनीतिक बताया था, हुड्डा ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाई थी और अब पूरे विपक्ष के साथ बड़ी संख्या में युवा भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं।
अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में किसानों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि ऐसा कोई भी समझौता किसानों के हित में नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। उनके अनुसार, वर्ष 2014 के बाद खेती की लागत लगातार बढ़ी है, जबकि किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हुई है।